भजन.. 120. मन्दिर का आरोहण गीत। मैं संकट में पड़ा था, सहारा पाने के लिए मैंने यहोवा को पुकारा और उसने मुझे बचा लिया। हे यहोवा, मुझे तू उन ऐसे लोगों से बचा ले जिन्होंने मेरे विषय में झूठ बोला है। अरे ओ झूठों, क्या तुम यह जानते हो कि परमेश्वर तुमको कैसे दण्ड देगा तुम्हें दण्ड देने के लिए परमेश्वर योद्धा के नुकीले तीर और धधकते हुए अंगारे काम में लाएगा। झूठों, तुम्हारे निकट रहना ऐसा है, जैसे कि मेशेक के देश में रहना। यह रहना ऐसा है जैसे केवार के खेतों में रहना है। जो शांति के बैरी है ऐसे लोगों के संग मैं बहुत दिन रहा हूँ। मैंने यह कहा था मुझे शांति चाहिए क्यों वे लोग युद्ध को चाहते हैं।