भजनमैं. 49. क्वे प्रिंब्मैंए चिबए ल्हागिर कोराए च्हमैंए भजन घ्रि। ओ ताँन् ह्रें-ह्रेंर्बै म्हिमैं चु ताँ थेद्! ह्‍युलर टिबै ताँन् म्हिमैं न्ह तोद्, च्योंब नेरो थेब, प्लब्मैं नेरो ङ्हाँदुमैं ताँनइ थेद्! ङए सुँइ बुद्धिए ताँ पोंब्मुँ; ङए सैंर मैंबै ताँमैंइ क्होबै शक्ति पिंम्। ङ अहान् थेब्मुँ; बीणा ह्रादै ङइ च ताँए अर्थ खोल्दिमिंब्मुँ। ङए फिर दुःखन् तलेया, धै आछ्याँबै के लब्मैंइ ङलाइ कारर्ग्यु लखलेया, प्लबै म्हिमैंइ खेंमैंए सै न्होरए फिर थेब् प्हैंसि ङलाइ म्हि आच्हिन् ललेया ङ ङ्हिंरिब् आरे। खाबज्यै या सै फोसि अरू म्हिलाइ खाल् आखाँ, छलेन ङलाइ जोगेमिंन् बिसि खाबज्यै या परमेश्‍वरलाइ सै फोल् आखाँ। तलेबिस्याँ छए सै ल्हें मुँ। म्हि खोंयोंन् बिलै सोरिगे धै क्रोंर आह्‍यारिगे बिसि खाबज्यै तो सैज्यै या म्हिए सै फोल् आखाँ। तलेबिस्याँ बुद्धि मुँबै म्हिमैं या सिल् त्हुब, धै आमादुमैं नेरो आह्र आसेब्मैं ङ्हिंन-ङ्हिंन् सियामा सै न्होर अरूमैंए ल्हागिर्न वाथेंल् त्हुमन बिब ताँनइ म्रोंइमुँ। चमैंए छगों खोंयोंन् बिलै चमैंए धिं तब्मुँ, पुस्ता पुस्ता समा चमैं छगोंर टिब्मुँ। चमैंए धिं-नाँमैं, क्ल्ह्‍यो न्हेंमैंर खेंमैंए मिं थेंलेया मान इजेत मुँलेया च खोंयोंन् बिलै सोरिल् आखाँ। च नास तयाबै खेदोमैं धोंन् ग। ह्रोंसए फिर भर थेंबै म्हिमैंए गति या छाबन् तम्; धै चमैंए लिलि प्रसि चमैंए ताँ क्वेंब्मैंए गति या छाबन् तम्। तिस्याँदे मैंन् क्युमैं धोंले चमैं क्रोंर ह्‍याल् त्हुम्, चमैंलाइ कालइ बोयाम्! ठिक के लब्मैंन् चमैंए फिर न्हाँगन् क्ल्हे तब्मुँ। चमैं टिबै क्‍ल्‍ह्‍योउँइँले ह्रेंगोर चमैंए ज्यु क्रोंर क्राँयाब्मुँ। दिलेया ङलाइ बिस्याँ परमेश्‍वरजी क्रोंउँइँले फ्रेमिंब्मुँ, धै खीने बालुन् टिल् पिंब्मुँ। तिस्याँदे मैंन् छतसि म्हिमैं प्लब् योब् तसि चमैंइ थेबै धिं योंलेया क्हेमैं तो धोंइ आङ्हाँन्। तलेबिस्याँ च सियामा चइ तोइ बोल् खाँरिब् आरे; चइ योंबै मान इजेतै या चए लिलि छगोंर ह्‍यारिब् आरे। च सोन् समा चइ “ङम् ङ्‍हो सब् ग” बिसि मैंलेया म्हिमैंउँइँले चइ थेबै मान इजेत योंलेया च ह्रोंसए खेमैं माँमैंनेन् च्ह्‍यालनेब्मुँ, चइ खोंयोंइ आखाँबै चारबै छ्ह योंबै ह्‍वे म्रोंल् योंरिब् आरे। मान इजेत मुँबै म्हि मुँलेया चइ आक्होस्याँ नास तसि ह्‍याबै खेदोमैं धोंन् तब् ग।